चल चित्र

अंबेडकरवादी एक्टिविस्ट बोले- ‘राजपूत होने का दंभ छोड़ो’, ‘क्यूं छोड़ें, अपने दम पर आगे आते हैं’- कंगना ने दिया जवाब

मुंबई: एक्ट्रेस कंगना रनौत ने अपने विरोधियों को बायकॉट करने के लिए करारा जवाब दिया है।

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत इंडस्ट्री की इकलौती कलाकार हैं जो हर मुद्दे को अपनी बातें बेबाकी से रखती हैं भले ही विरोधी उनसे सहमत हो या असहमत। हाल में उन्होंने बॉलीवुड में नेपोटिज्म व माफ़िया को लेकर कई खुलासे किए। वहीं ताजा मामले में उन्होंने भारत की आरक्षण व्यवस्था पर भी तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिसके बाद कुश अम्बेडकरवादी नामक एक्टिविस्ट ने कंगना से उनकी राजपूत जाति पर गर्व न करने के लिए चुनौती दी। इस एक्टिविस्ट ने कहा था कि

गौरतलब है कि कंगना की इन हालिया टिप्पणियां उनके विरोधियों को पसंद नहीं आई इसमें खासतौर पर वामपंथी व कथित अम्बेडकरवादी समूह शामिल हुआ और उनके बॉयकॉट के लिए ट्विटर पर ट्रेंड चलाया। हालांकि कंगना के लाखों फालोवर कहाँ चुप रहते और बॉयकॉट के विरुद्ध ट्रेंड चलाकर पहले वाले को ध्वस्त कर डाला। पूरा ट्विटर एक समय पर झांसी की रानी कंगना से पट गया।

इसको लेकर खुद कंगना ने अपने फालोवर का आभार जताया। उन्होंने विरोधियों को निशानेपर लेते हुए कहा कि “टुकड़े गैंग ने मेरा बहिष्कार किया, अपमान किया, माफिया ने मुझे शर्मिंदा करने की कोशिश की, मगर मेरे दोस्तों ने आज मेरी लाज उसी तरह रखी जैसे श्री कृशन ने द्रौपदी की लाज रखी थी, धन्यवाद दोस्तों, झांसी की रानी कंगना।”

भारत की आरक्षण व्यवस्था पर कंगना ने दागे ये सवाल:

कंगना ने आरक्षण के मसले पर ट्विटर पर कई टिप्पणियों को अलग अलग जवाब दिया है। एक जवाब में उन्होंने भारत की जाति व्यवस्था को लेकर कहा कि “आधुनिक भारतीयों द्वारा जाति व्यवस्था को अस्वीकार कर दिया गया है, छोटे शहरों में हर कोई जानता है कि यह कानून व्यवस्था द्वारा अब स्वीकार्य नहीं है और कुछ के लिए एक दुखद खुशी से अधिक कुछ भी नहीं है। केवल हमारा संविधान आरक्षण के मामले में इसे पकड़े हुए है, इसे जाने दो, इसके बारे में बात करते हैं।”

इसके बाद आरक्षण व इसके नुकसान पर जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि, “विशेष रूप से डॉक्टर इंजीनियर व पायलट जैसे व्यवसायों में, सबसे योग्य लोगों को आरक्षण का नुकसान होता है। हमें एक राष्ट्र के रूप में मध्यम स्तर से नुकसान होता है और प्रतिभाएं अमेरिका के लिए गैरइरादतन पलायन कर जाती हैं।”

फिर आरक्षण को नेपोटिज्म से जोड़ते हुए इसके वैकल्पिक व्यवस्था की बात करते हुए कंगना ने कहा कि “शोषितों के उत्थान के कई तरीके हैं, बजाय उन्हें रैंक देने के, जिस पद के लिए वो योग्य नहीं हैं। अपनी योग्यता कमाना सीखें, उसी के लिए खड़ी हूँ। आरक्षण एक ही कानून पर काम करता है जैसे कि भाई-भतीजावाद, जिसमें अयोग्य को नौकरी मिलती है और इससे देश का नुकसान होता है।”

आगे कंगना ने धनाढ्य को आरक्षण मिलने की बात उठाते हुए कहा कि “आइए एक व्यवस्था स्थापित करें जो हमारे राष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ बनाती है। यदि आप व्यक्तियों के बारे में बात करना चाहते हैं तो मैं हजारों डॉक्टरों, आईएएस अधिकारियों, न्यायाधीशों, इंजीनियरों को जानती हूं जिनके बच्चे ऑडी चलाते हैं और लेते आरक्षण हैं।”

अंत में कंगना ने महिलाओं के विकास की भी बात की और कहा कि “फिर महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दिया जाता है, वे सबसे शोषित वर्ग हैं जिन्हें मैं आंकड़ों के साथ साबित कर सकती हूं, आपकी सहानुभूति चयनात्मक नहीं हो सकती है। जाति और लिंग की परवाह किए बिना इस राष्ट्र का नेतृत्व करने के लिए सर्वश्रेष्ठ बुद्धियों को आने दें। यदि आप उत्थान करना चाहते हैं जिन सभी के साथ अन्याय किया गया है।”

अंतिम में कंगना ने जवाब देकर कहा कि “आरक्षण की बात करके मुझे यहां कुछ भी हासिल नहीं हुआ और न ही खोया, मैं वही साझा कर रही हूं जैसा लाखों लोग करते हैं।”

Donate to Falana DIkhana: यह न्यूज़ पोर्टल दिल्ली विश्विद्यालय के मीडिया छात्र अपनी ‘पॉकेट मनी’ से चला रहे है। जहां बड़े बड़े विश्विद्यालयों के छात्र वामपंथी विचारधारा के समर्थक बनते जा रहे है तो वही हमारा पोर्टल ‘राष्ट्रवाद’ को सशक्त करता है। वही दिल्ली विश्विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ रहे हमारे युवा एडिटर्स देश में घट रही असामाजिक ताकतों के खिलाफ लेख लिखने से पीछे नहीं हटते बस हमें आशा है तो आपके छोटे से सहयोग की। यदि आप भी हम छात्रों को मजबूती देना चाहते है तो कम से कम 1 रूपए का सहयोग अवश्य करे। सादर धन्यवाद, ‘जयतु भारतम’

                                                        

इससे सम्बंधित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button