दलित परिवार के द्वारा धर्मांतरण का दबाव बनाने पर 24 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
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इंदौर- मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में विजय नगर थाना क्षेत्र से हैरान और परेशान कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक दलित परिवार के द्वारा लंबे समय से धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और परेशान करने से आहत होकर एक 24 वर्षीय युवती काजल यादव ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी हैं।
इतना ही नहीं इस पूरी घटना के बाद युवती के परिजन अंतिम संस्कार करने के बजाय युवती के शव को लेकर विजय नगर थाने पहुंच गए और धर्म परिवर्तन का दबाव बना कर परेशान करने वाले दलित परिवार के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे। जिसके बाद टीआई रविन्द्र गुर्जर ने उन्हें समझाइश दी और पहले अंतिम संस्कार करने की सलाह दी।
जानिए क्या है पूरा मामला?
घटना विजय नगर थाना क्षेत्र के सोलंकी नगर की है, जहां मृतक युवती के पिता गोपाल यादव और बड़ी बहन खुशबू यादव ने आरोप लगाया कि उनके घर के सामने रहने वाला एक दलित परिवार उन पर पिछले चार साल से ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था। जिसके कारण काजल बहुत परेशान चल रहीं थी।
इतना ही नहीं मृतिका की बड़ी बहन खुशबू ने हमें बताया कि जब उन्होंने उनकी बात नहीं मानी और ईसाई धर्म को अपनाने से मना कर दिया, तो उन्होंने पिछले महीने अपनी एक बेटी को पीड़िता बना कर विजय नगर थाने भेज दिया और उसके पिता के खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा केस दर्ज करवा दिया।
खुशबू ने बताया कि धर्म परिवर्तन कर ईसाई बना दलित परिवार आये दिनों उन्हें परेशान करने लगा और पूजा पाठ में विघ्न डालने के लिए अंडे और मांस फेंकने लगा, इतना ही नहीं घर में आरती करते समय तेज आवाज में ईसाई धर्म की स्पीच लगा देता था। उन्हें धर्म परिवर्तन कर ईसाई बनने के लिए कई बार प्रलोभन भी दिया गया, लेकिन बीते एक साल से वह कुछ ज्यादा ही परेशान करने लगे थे।
सात साल पहले अपना लिया था ईसाई धर्म
वहीं धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाले परिवार की बात की जाए तो दलित परिवार ने सात साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था और अपना सरनेम बदलकर टोनेरे कर लिया था और शुरुआत से ही नार्मल बातचीत के दौरान ही ईसाई धर्म अपनाने का आॅफर देने लगा। इतना ही नहीं जब पीड़ित परिवार ने उनसे बात करना बंद कर दिया, तो झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने लगा।