क्या सच में मंदसौर के मदरसों के छात्रों ने लगाए “पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे” ?

इस मामले कि जाँच सीएसपी नरेंद्र सोलंकी कर चुके है। उन्होंने मीडिया को अपनी बातचीत में बताया कि “हमने वीडियो को स्लोमो-लिप सिंक कर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से कई बार सुना है"।

मंदसौर: मध्यप्रदेश स्थित सवेदनशील इलाके मंदसौर से एक वीडियो लगातार वायरल की जा रही है जिसमे दिखाया जा रहा है की मदरसे के बच्चे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे है। वीडियो में दावा यह किया जा रहा है कि मंदसौर अंजुमन के निजी स्कूल दारुल उलम मदरसा के छात्रों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए है।

घटना मंदसौर के खानपुरा क्षेत्र की ही है जिसके बाद हमने इसकी सच्चाई जानने की लाख कोशिशे की। इंटरनेट छानने पर हमने पाया की कई लोगो ने इसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है जिसके बाद हमने खानपुरा पुलिस से ही सारा मामला जानने की कोशिशे की।

हमने जाँच में पाया कि इसकी जाँच सीएसपी नरेंद्र सोलंकी कर चुके है। उन्होंने मीडिया को अपनी बातचीत में बताया कि “हमने वीडियो को स्लोमो-लिप सिंक कर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से कई बार फिर से सुना, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि बच्चे साबिर साहब जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे, न कि पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे.”

फलाना दिखाना ने आगे खोजबीन में पाया कि बच्चे अपने प्रिंसिपल साबिर पानवाला के समर्थन में नारे लगा रहे थे जिसे कुछ लोगो ने एडिट करके पाकिस्तान जिंदाबाद में बदल दिया था।

खानपुरा में मदरसे के छात्रों ने अपने प्रिंसिपल साबिर पानवाला के समर्थन में नारे लगाए, उन्हें डर था कि संस्था के सचिव और अध्यक्ष के आपसी झगड़े में उनके मदरसे को बंद कर प्रधानाचार्य को हटाया जा सकता है

वही जो पुलिस वाले रिकॉर्डिंग कर रहे थे उनकी रिकॉर्डिंग में भी साबिर साहब जिंदाबाद के ही नारे सुनाई दे रहे है इसलिए सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी और बेहद ही सवेदनशील जानकारी शेयर करने से पहले अच्छे से ठोक पीट के देख ले बिना जांचे ऐसी चीजे शेयर करने से बचे।