2000 करोड़ लगा कर SC/ST के लिए एक साल में 462 विद्यालय खोलेगी केंद्र सरकार

सरकार ने वर्ष 2020 तक पूरी योजना के लिए 2,242 करोड़ रुपयों का बजट आवंटित कर दिया है जिसे आने वाले वर्षो में और बढ़ाये जाने की सम्भावना है।

नई दिल्ली : केंद्र सरकार जल्द ही जवाहर नवोदय स्कूल की ही तर्ज पर अनुसूचित जाति व जनजाति के बच्चो के लिए नए स्कूल खोलने जा रही है। सरकार ने इन स्कूलों का नाम एकलव्य रखा है वही इनकी संख्या 462 तय की गई है ।

अनुसूचित जाति व जनजाति समाज में शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है वही इन विद्यालयों का स्तर प्राइवेट स्कूल के स्तर से अच्छा बताया जा रहा है।


मिल रही सुचना के अनुसार यह विधालय सिर्फ उन्ही इलाको में खुलेंगे जहा अनुसूचित जाति व जनजाति की आबादी 50 प्रतिशत या उससे अधिक पाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक सुगमता के साथ सुचारु ढंग से विद्यालयों का खोलने का उद्देश्य हासिल किया जा सके।

सरकार ने वर्ष 2020 तक पूरी योजना के लिए 2,242 करोड़ रुपयों का बजट आवंटित कर दिया है जिसे आने वाले वर्षो में और बढ़ाये जाने की सम्भावना है।

सरकार ने उम्मीद जताई है की वर्ष 2022 तक सभी अनुसूचित जाति व जनजाति बहुल इलाको में ऐसे विधालय खुल जायेंगे जिससे इन तबको से आने वाले बच्चो में शिक्षा का स्तर बढ़ाया जा सके।


वही एकलव्य विद्यालयों के कामकाज का मिनिस्ट्री ऑफ़ ट्राइबल अफेयर्स के अंतर्गत एक नई समिति पूरा काला चिटठा देखेगी।

आपको हम बताते चले की 2011 के आंकड़ों के अनुसार भारत में अनुसूचित जाति से आने वाले समाज की साक्षरता दर 73 फीसदी थी वही अनुसूचित जनजाति से आने वाले तबके की साक्षरता दर 66 प्रतिशत थी वही अगर बात करे देश की तो पुरे भारत की साक्षरता दर 2011 में 74 प्रतिशत थी।